प्रमुख स्तंभ ०३ · महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन

महिला सशक्तिकरण: आत्मनिर्भर नारी, समृद्ध व सशक्त समाज

आस्था सक्षम फाउंडेशन ग्रामीण व वंचित महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूह (SHG) सूक्ष्म उद्यम, वित्तीय साक्षरता और कानूनी अधिकारों से लैस कर स्वावलंबी और सशक्त बनाने हेतु प्रतिबद्ध है।

18,500+
प्रशिक्षित व स्वावलंबी महिलाएं
650+
सक्रिय स्वयं सहायता समूह
₹2.5 Cr+
वार्षिक सूक्ष्म व्यवसाय आय
100%
स्वाभिमान एवं आर्थिक स्वायत्तता
आस्था सक्षम फाउंडेशन - महिला सशक्तिकरण
सशक्त नारी · आत्मनिर्भर परिवार · गौरवशाली समाज
परिचय एवं सामाजिक दृष्टिकोण

जब एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और समाज प्रगति करता है

आर्थिक स्वावलंबन महिलाओं को परिवार के निर्णयों, बच्चों की बेहतर शिक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठा में बराबरी का अधिकार दिलाता है।

रूढ़िवादिता तोड़कर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखना

ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लाखों बहनें प्रतिभा और लगन होने के बावजूद आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर रहने को विवश हैं। कौशल प्रशिक्षण, साधन और बाजार के अभाव में उनकी प्रतिभा दबकर रह जाती है।

आस्था सक्षम फाउंडेशन गांवों में सिलाई, कढ़ाई, अगरबत्ती, हस्तशिल्प और फूड प्रोसेसिंग के निःशुल्क केंद्र चलाता है। हम बहनों को बैंक खाता खोलने, बचत करने और उनके उत्पादों को सीधे बाजार में बेचने का मंच प्रदान करते हैं।

हमारा नारी संकल्प

"हर बहन के हाथ में हुनर, हर घर में खुशहाली, समाज में पूर्ण सम्मान"

हमारा लक्ष्य है कि भारत की हर ग्रामीण महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, अपने बच्चों की उच्च शिक्षा की व्यवस्था कर सके और आत्मविश्वास से सिर उठाकर जी सके।

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमाणित सिलाई, हस्तकला व व्यावसायिक केंद्र
स्वयं सहायता समूहों को प्रारंभिक पूंजी, मशीनें और कच्चा माल
कानूनी साक्षरता, घरेलू सुरक्षा और मातृत्व स्वास्थ्य मार्गदर्शन
हमारी स्वावलंबन कार्यप्रणाली

स्वावलंबन और सम्मान के चार प्रभावी चरण

हुनर सिखाने से लेकर बाजार लिंकेज और कानूनी अधिकारों तक, हमारा प्रयास बहनों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करता है।

01

सिलाई, कटाई एवं परिधान निर्माण केंद्र

छह माह के निःशुल्क सिलाई व बुटीक प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन, जिससे बहनें घर बैठे या दुकान खोलकर सम्मानजनक आय अर्जित कर सकें।

  • 12,000+ बहनें सिलाई में पारंगत होकर प्रमाण पत्र प्राप्त
  • आधुनिक सिलाई मशीनें और डिजाइनिंग उपकरण
02

स्वयं सहायता समूह एवं वित्तीय साक्षरता

10 से 15 महिलाओं के समूह बनाकर सामूहिक बचत, आसान किस्तों पर ऋण और बैंकिंग लेन-देन का व्यावहारिक ज्ञान देना।

  • 650 से अधिक समूहों के स्वतंत्र बैंक खाते संचालित
  • 100% समय पर ऋण वापसी और पारदर्शी खाता संचालन
03

बाजार लिंकेज व उत्पाद बिक्री सहायता

महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, दीये, जूट बैग और पोशाकों को शहरों के मेलों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उचित मूल्य दिलाना।

  • बिचौलियों के बिना पूरा मुनाफा सीधे बहनों के खाते में
  • ब्रांड पैकेजिंग, डिजिटल यूपीआई और ऑनलाइन बिलिंग
04

कानूनी अधिकार, सुरक्षा व पोषण जागरूकता

घरेलू हिंसा के विरुद्ध कानूनी सहायता, संपत्ति अधिकार, सुकन्या समृद्धि और सरकारी मातृत्व कल्याण योजनाओं की जानकारी।

  • हर क्षेत्र में त्रैमासिक कानूनी जागरूकता व समाधान शिविर
  • माहवारी स्वच्छता किट व महिला स्वास्थ्य परामर्श
आजीविका एवं नेतृत्व

महिला नेतृत्व का उदय, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांति

बहनों में उद्यमिता और नेतृत्व का विश्वास जगाकर उन्हें समाज के विकास की मुख्यधारा से जोड़ना।

सूक्ष्म उद्यम एवं लघु उद्योग प्रोत्साहन

मसाला पिसाई, पापड़-अचार, जूट बैग और सिलाई कार्यशाला जैसी छोटी इकाइयों की स्थापना में तकनीकी व वित्तीय मदद।

डिजिटल साक्षरता व मोबाइल बैंकिंग

स्मार्टफोन चलाना, यूपीआई पेमेंट, बैंक पासबुक देखना और सरकारी पेंशन-सब्सिडी की ऑनलाइन जांच का प्रशिक्षण।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य व पोषण कार्यशालाएं

एनीमिया जांच, आयरन सप्लीमेंट्स वितरण और गर्भवती व धात्री माताओं को पौष्टिक आहार का परामर्श।

सफल परिणाम: 92% प्रशिक्षित बहनें ₹6,000 से ₹15,000 प्रतिमाह कमा रहीं

स्वावलंबी बनी 18,500 से अधिक बहनें अपने परिवारों का पोषण कर रही हैं और अपनी बेटियों को बिना किसी रुकावट के कॉलेज भेज रही हैं।

सच्ची कहानियां देखें
स्वावलंबन में सहयोग दें

हमारी महिला सशक्तिकरण पहल में सहयोग दें

आपका सहयोग किसी बहन को सिलाई मशीन, औजार और स्वाभिमान से जीने का साधन उपलब्ध कराकर पूरे परिवार का भविष्य संवारता है।

सिलाई टूलकिट व कच्चा माल

₹500

एक प्रशिक्षु महिला के लिए कैंची, धागे, इंची टेप, डिजाइन पेपर और कपड़े का शुरुआती अभ्यास किट।

किट दें · ₹500

सिलाई मशीन उपहार स्वावलंबन हेतु

₹5,000

पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाली किसी जरूरतमंद या विधवा बहन को नई सिलाई मशीन भेंट ताकि वह तुरंत कमाई शुरू कर सके।

मशीन भेंट करें · ₹5,000

महिला स्वयं सहायता समूह इकाई स्थापना

₹25,000

गांव में 4 सिलाई मशीनों, कटिंग टेबल, प्रेस और कच्चे माल के साथ एक आत्मनिर्भर महिला समूह इकाई की स्थापना।

इकाई लगाएं · ₹25,000
आयकर अधिनियम की धारा 80G के अंतर्गत सभी दान 50% कर-मुक्त हैं। दान के तुरंत बाद डिजिटल 80G रसीद प्राप्त करें।